सफल होने के 5 रहस्य (5 secrets to succeed)

जीवन में हार मानने वालों के लिए यह टिप्स नहीं है। आप किसी भी परिस्थिति में कही भी हों इन नियमों को अपनाकर आप जीत सकते है। आपको मात्र अपने नजरियें को बदलना होगा। तो आईये जानते है सफल होने के कुछ रहस्य-

1.सफलता के लिए समय का निवेश

हर सफल व्यक्ति ने अपने समय का निवेश मुख्य कार्य में ही किया है। क्योंकि वे जानते है कि जो लक्ष्य उनको प्राप्त करना है उसके लिए सही दिशा में प्रयत्न करना जरुरी है। जब आप इस कला को सीख लेते है तब आपके जीवन में अद्भुत चमत्कारिक परिवर्तन अवश्य होंगे, क्योंकि आपका नजरिया परिवर्तित हो जायेगा और आपको अपने कार्यो में रूचि पैदा हो जाएगी।

हर सफल व्यक्ति ने अपने समय का निवेश मुख्य कार्य में ही किया है। क्योंकि वे जानते है कि जो लक्ष्य उनको प्राप्त करना है उसके लिए सही दिशा में प्रयत्न करना जरुरी है। जब आप इस कला को सीख लेते है तब आपके जीवन में अद्भुत चमत्कारिक परिवर्तन अवश्य होंगे, क्योंकि आपका नजरिया परिवर्तित हो जायेगा और आपको अपने कार्यो में रूचि पैदा हो जाएगी।
सफलता के लिए जरुरी है कि आप जो कार्य करे वह आपके लक्ष्य से सम्बंधित हो। आप कभी भी दिनभर टी.वी या फिल्म देखकर कोई किताब या स्कूल नहीं चला सकते। क्योंकि आपको पुस्तके लिखने के लिए पुस्तकों का अध्ययन करना पड़ेगा। योगी बनने के लिए आपको आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना पड़ेगा। यह संभव ही नहीं है कि आप दिनभर क्रिकेट खेलकर प्रेरक वक्ता बन जाये।
आप स्वयं को बना या बिगाड़ सकते है। आप अपने समय के साथ जो चाहे कर सकते है। चुनाव आपके ही हांथों में है। क्योंकि आप अपने जीवन में हर परिणाम के लिए स्वयं ही जिम्मेदार होते है। इसलिए आपको अपने किसी भी कार्य के प्रति कृतग्यता प्रकट करने की जरुरत है।

2.सफल लोग अपना मार्ग खुद बनाते है

विपरीत परिस्थितयों में भी खुद को संभालकर ऊपर उठाने वाले ही सच्ची सफलता प्राप्त करते है। सफल व्यक्ति गलतियों को करने से डरते नहीं है अपितु वे लगातार कार्य करते हुए चिंतन-मंथन करते रहते है। आपकी सफलता में बहुत लोगों का योगदान होता है। इसलिए आपके आस-पास जो लोग मौजूद है उनको अपना प्रशिक्षक मानकर चले। हर सफल व्यक्ति को निश्चित ही कठिन परिस्थितयों से गुजरना पड़ता है। वास्तविक अनुभव के बिना कोई भी व्यक्ति महानतम सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है।
बुलंद इरादों के साथ कदम बढ़ाने वालों के मार्ग से बाधाएं स्वतः ही हट जाती है। आपको यह समझना जरुरी है कि आपका जीवन अद्भुत और अनोखा है। इसलिए शुभ भावना से जो कुछ भी करेंगे उसमे आपको सफलता अवश्य मिलेगी। सफल लोग हर बाधा को अपने मार्ग में आने वाली किसी दैवीय प्रक्रिया का हिस्सा समझते है। क्योंकि सकारात्मक सोच आपके जीवन में उत्साह, उमंग, और सक्रियता को आकर्षित करती है। आपके मार्ग में आने वाली बाधाओं को हटाने की क्षमता आपमें विकसित होती जाती है और आप कठिन से कठिन अवस्थाओं को सरलता से पार करने की महारत हासिल कर करने की महारत हासिल कर लेते है।

3.एक नकारात्मक विचार, अनेक सकारात्मक कार्यों पर भारी पड़ सकता है

सफल व्यक्ति की सफलता इस बात में निहित है कि सकारात्मक कार्यों पर अपना ध्यान केंद्रित करता है। वह दिन भर में जितने कार्यों को करता है उसमे से कुछ ऐसे कार्य भी होते है जो गलत हो जाते है। वह एक गलत कार्य के कारण परेशान नहीं होता है। अपितु जो कार्य सही हुए है उन पर विचार-विमर्श करता है। क्योंकि वह इस नियम को अच्छी तरह जानता है कि उसकी गलती कब होना निश्चित है तथा उससे भी कोई न कोई सीख वह ले ही लेता है। जिससे उसे अवश्य सफलता मिलती है।
कुछ लोग ऐसे भी होते है जो एक छोटी सी गलती के कारण बहुत गहरे तनाव में चले जाते है। बार-बार उसी एक बात को सोचकर परेशान होते है तथा दूसरों को भी बताकर अपनी परेशानी का हिस्सेदार बना लेते है। जब वे आपकी किसी गलती को पकड़ लेते है तो उनको जो ख़ुशी होती है। क्योंकि वे आपकी गलती को बताकर छड़ीक खुसी से स्वयं को महान लगते है।

4.हर दिन आप वह करे जो आप बनना चाहते है-

इस समय आप क्या कर रहे है, वही आपके भविष्य का मागदर्शक बनेगा। क्योंकि आपके द्वारा किये गए एक-एक कार्यों का प्रभाव अगले हर क्षण के परिणामों को प्रकट करता है। आपकी सफलता हर दिन के कार्यों पर निर्भर करती है। सफल होने का सफलतम उपाय यह है कि आप महत्वपूर्ण कार्यों के साथ उस कार्य को अवश्य करे जो आपके मुख्य लक्ष्य से जुड़ा हुआ हो। जिस प्रकार बूँद-बूँद से बाल्टी भर जाती है, उसी प्रकार आपके द्वारा किये गए सही दिशा में थोड़े-थोड़े कार्यों से आपका लक्ष्य मिल जायेगा। जो भी करे इस बात का ख्याल रखे कि वह कार्य आपके लक्ष्य से सम्बंधित हो। कितना भी महान और बड़ा लक्ष्य क्यों न हो वह आपको अवश्य मिल जायेगा। क्योंकि यही ईश्वरीय नियम है। आपके द्वारा किये जाने वाले किसी भी व्यव्हार से आपको सन्तुष्टि मिलनी ही चाहिए। घर हो या बाहर आप हर कार्य में एक कदम आगे बढ़कर हिस्सा ले। उस कार्य में, भरपूर आनद की अनुभूति होने लगेगी और आपके द्वारा जो भी कार्य होंगे, उनमे उत्साह एवं जोश भरा होगा।

5.बड़ा बनने के लिए बड़ी सोच का होना जरुरी है

कोई आपको तब तक दुःख नहीं पंहुचा सकता, जबतक कि आप उसे स्वयं जो दुखी करने की अनुमति नहीं देते है। कोई व्यक्ति आपको अपशब्द बोलकर आपका अपमान करके नीचे झुकाने की कोशिश करता है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सामने वाले व्यक्ति की अज्ञानता के कारण वह आपके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए मजबूर है और वह यह सोचता है कि वह जो कर रहा है, अच्छा कर रहा है लेकिन वह यह नहीं जानता की उससे बहुत बड़ी गलती हो रही है।
उसको सतर्क रहना है क्योंकि उसके अहंकार से आपका अहंकार टकराने से विवाद उत्पन्न हो सकता है। इसलिए आपके ज्ञान का वास्तविक मतलब यह है कि आप अपनी सोच को बड़ा बनाये रखे। क्योंकि सामने वाला अपनी छोटी सोच के कारण स्वयं ही अपराधबोध महसूस करेगा। स्वयं को ऊँचा एवं बड़ा बनाना चाहते है तो दूसरों की उनके अच्छे कार्यों के लिए सराहना कीजिये और खुश हो जाईये कि लोग अपने जीवन में अच्छे कार्य करते है। आप हर बार बड़ा सोचिये, आप बड़े बनते जायेंगे।

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