रेकी हमारे भीतर की शक्तियों के राज खोलती है।

रेकी हमारे भीतर की शक्तियों के राज खोलती है।

  • रेकी सीखने के बाद हम शरीर के सात चक्रों की शक्तियों के रहस्य के बारे में जान लेते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम आपको अपने मन को वष में करने की कला सिखाते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम रेकी ऊर्जा के फायदों को समझ लेते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम अच्छे व बुरे लोगों में भेद करने की कला सीख लेते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम ब्रह्मांड की शक्तियों को समझ लेते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम अच्छी व बुरी आत्माओं की पहचान कर लेते हैं।
  • रेकी सीखने के बाद हम अच्छी व बुरी संपत्ति की पहचान कर लेते हैं।

हमारे शरीर के सात चक्रों की शक्तियों को समझें।

सिर के ऊपर शास्त्रार्थ चक्र के एक्टिवेट होने से आध्यात्मिक शक्ति का विस्ता होता है।
माथे के मध्य में आज्ञा चक्र के एक्टिवेट होने से आभास (भूत, वर्तमान, भविष्य की जानकारी) की शक्ति का विस्तार होता है।
गले की मध्य विषुध्दि चक्र के एक्टिवेट होने से वाक-पटुता (बोलने की शक्ति) का विस्तार होता है।
सीने के मध्य हृदय चक्र के एक्टिवेट होने से प्रेम की शक्ति का विस्तार होता है।
नाभि के मध्य मणिपर चक्र के एक्टिवेट होने से सुख के अनुभव की शक्ति का विस्तार होता है।
कमर के मध्य स्वाधिष्ठान चक्र के एक्टिवेट होने से संबंध की शक्ति का विस्तार होता है।
रीढ की हड्डी के अंतिम सिरे पर मूलाधार चक्र के एक्टिवेट होने से पर्याप्तता ;।इनदकंदबमद्ध की शक्ति का विस्तार होता है।